📘 PRALAYA – कृष्ण की आत्मकथा (भाग VIII)
⚔️ अंत • सत्य • दिव्य रहस्य
“PRALAYA”
कृष्ण की आत्मकथा श्रृंखला का आठवाँ और अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है,
जहाँ कथा अपने निर्णायक मोड़ पर पहुँचती है।
यह पुस्तक धर्म और अधर्म के संघर्ष,
युद्ध के परिणाम और
कृष्ण के अंतर्मन की गहराइयों को उजागर करती है।
इस भाग में पाठक न केवल महायुद्ध का परिणाम देखते हैं,
बल्कि समय, नियति और सत्य के अंतिम रूप से भी परिचित होते हैं।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ महाभारत के अंतिम अध्यायों का गहन चित्रण
✔ कृष्ण के दृष्टिकोण से घटनाओं की व्याख्या
✔ धर्म-अधर्म की अंतिम टकराहट
✔ समय और प्रलय का दार्शनिक अर्थ
✔ भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव
💡 यह पुस्तक सिखाती है—
हर अंत एक नए सत्य की शुरुआत होता है।
👉 आज ही पढ़ें और
कृष्ण की आत्मकथा के इस निर्णायक अध्याय का अनुभव करें। 📚✨







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