📘 अप्रेषित पत्र (Hindi)
💌 कहे-अनकहे जज़्बातों की सच्ची आवाज़
क्या आपके दिल में भी ऐसे शब्द हैं जो कभी कहे नहीं जा सके?
क्या कोई रिश्ता, याद या एहसास आज भी मन के किसी कोने में अधूरा है?
तो यह पुस्तक आपके दिल की भाषा बोलती है।
“अप्रेषित पत्र” उन भावनाओं का संग्रह है जो लिखी तो गईं, पर कभी भेजी नहीं जा सकीं। यह किताब प्रेम, पीड़ा, पछतावे, उम्मीद और आत्मचिंतन के पत्रों के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं की गहराई को उजागर करती है। हर पत्र एक कहानी है—कभी आपकी, कभी किसी और की—लेकिन एहसास एक जैसे।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ प्रेम और विरह के अनकहे भाव
✔ रिश्तों की उलझनें और आत्मसंघर्ष
✔ यादों, क्षणों और अधूरेपन की सच्ची अभिव्यक्ति
✔ सरल हिंदी में भावनात्मक और सजीव लेखन
✔ हर उम्र के पाठकों से जुड़ने वाली संवेदना
💡 यह किताब पढ़ी नहीं जाती—
इसे महसूस किया जाता है।
👉 आज ही पढ़ें और अपने भीतर के
अनकहे शब्दों को आवाज़ दीजिए।







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