📘 जिन खोजा तिन पाइयाँ – ओशो (Hindi)
🧘♂️ खोज • बोध • स्वयं से साक्षात्कार
सत्य बाहर नहीं—
वह आपके भीतर है।
“जिन खोजा तिन पाइयाँ” महान चिंतक Osho की अमूल्य शिक्षाओं पर आधारित ऐसी कृति है,
जो मनुष्य को भीड़ से नहीं, स्वयं से मिलने की प्रेरणा देती है।
यह पुस्तक बताती है कि खोज जब बाहर होती है तो भ्रम मिलता है,
और जब भीतर उतरती है तो बोध मिलता है।
ओशो की सरल, स्पष्ट और तर्कपूर्ण शैली में
यह ग्रंथ ध्यान, सजगता और स्वतंत्र सोच के माध्यम से
जीवन के गहरे प्रश्नों के उत्तर खोजने में सहायता करता है।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ आत्म-खोज और आत्म-बोध का मार्ग
✔ ध्यान और सजगता की व्यावहारिक समझ
✔ भय, अहंकार और भ्रम से मुक्ति
✔ स्वतंत्र चिंतन और जीवन की स्पष्टता
✔ हर जिज्ञासु और साधक के लिए रूपांतरणकारी विचार
💡 यह पुस्तक मानने को नहीं कहती—
यह देखने और जानने की कला सिखाती है।
👉 आज ही पढ़ें और
भीतर की खोज में उतरकर
वही पाएँ, जिसकी तलाश आपको हमेशा रही है। 🌱📚







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