📘 जंगल के दावेदार (Hindi उपन्यास)
🌳 संघर्ष • अधिकार • आदिवासी अस्मिता की आवाज़
“जंगल के दावेदार” प्रख्यात लेखिका Mahasweta Devi का सशक्त और ऐतिहासिक उपन्यास है,
जो आदिवासी समाज के अधिकार, संघर्ष और स्वाभिमान की कहानी कहता है।
यह कृति महान आदिवासी नेता Birsa Munda के जीवन और उनके आंदोलन को केंद्र में रखती है।
उपन्यास में जंगल, ज़मीन और अस्तित्व की लड़ाई को
इतनी संवेदनशीलता और यथार्थ के साथ प्रस्तुत किया गया है
कि पाठक उस संघर्ष को महसूस करने लगता है।
यह केवल एक कहानी नहीं—
यह शोषण, अन्याय और सत्ता के विरुद्ध उठती आवाज़ है।
सरल हिंदी में लिखा यह उपन्यास
सामाजिक न्याय, इतिहास और साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अनिवार्य है।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ बिरसा मुंडा के जीवन और आंदोलन का सजीव चित्रण
✔ आदिवासी समाज की पीड़ा और प्रतिरोध
✔ औपनिवेशिक शोषण की कठोर सच्चाई
✔ सामाजिक न्याय और अस्मिता की चेतना
✔ साहित्य, समाजशास्त्र और इतिहास के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सामग्री
💡 यह उपन्यास सहानुभूति नहीं—
संवेदनशीलता और जागरूकता की मांग करता है।
👉 आज ही पढ़ें और
जंगल और ज़मीन के असली दावेदारों की आवाज़ को समझें। 🌳📚







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