📘 मैं नास्तिक क्यों हूँ – भगत सिंह (Hindi)
🔥 विचार • साहस • क्रांतिकारी चिंतन
“मैं नास्तिक क्यों हूँ”
महान स्वतंत्रता सेनानी
Bhagat Singh
द्वारा लिखा गया एक प्रसिद्ध लेख है,
जो उनके गहरे चिंतन और तर्कशील दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है।
इस पुस्तक में भगत सिंह ने स्पष्ट किया है कि
उनका नास्तिक होना किसी अहंकार का परिणाम नहीं,
बल्कि गहन अध्ययन, तर्क और आत्मविश्वास का परिणाम था।
यह कृति केवल आस्था पर प्रश्न नहीं उठाती—
बल्कि स्वतंत्र सोच, जिम्मेदारी और साहस की प्रेरणा देती है।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ भगत सिंह के मूल लेख का हिंदी रूपांतरण
✔ तर्कशीलता और स्वतंत्र विचार की व्याख्या
✔ क्रांतिकारी सोच और आत्मविश्वास की झलक
✔ युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
✔ इतिहास और विचारधारा का महत्वपूर्ण दस्तावेज
💡 यह पुस्तक सिखाती है—
सच्ची आज़ादी विचारों की आज़ादी से शुरू होती है।
👉 आज ही पढ़ें और
भगत सिंह के साहसी विचारों को समझें। 📚🔥







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