📘 कितना सच कितना झूठ (Hindi)
🔍 सत्य • भ्रम • वास्तविकता की पड़ताल
हम जो देखते और सुनते हैं—
क्या वह सच होता है?
या सच के पीछे छिपा होता है कोई और सच?
“कितना सच कितना झूठ”
जीवन, समाज और मानवीय संबंधों में छिपे
सत्य और भ्रम की परतों को खोलती है।
यह पुस्तक पाठक को हर बात पर सवाल उठाने,
तर्क करने और अपनी समझ विकसित करने की प्रेरणा देती है।
सरल और प्रभावशाली हिंदी में लिखी यह कृति
मानवीय भावनाओं, सामाजिक परिस्थितियों और
विचारों की जटिलता को उजागर करती है।
✨ इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
✔ सच और झूठ के बीच की महीन रेखा की समझ
✔ सामाजिक और व्यक्तिगत अनुभवों की पड़ताल
✔ तार्किक सोच और आत्मचिंतन की प्रेरणा
✔ मानवीय व्यवहार की गहरी व्याख्या
✔ चिंतनशील पाठकों के लिए रोचक सामग्री
💡 यह पुस्तक आपको तैयार जवाब नहीं देती—
यह आपको सही सवाल पूछना सिखाती है।
👉 आज ही पढ़ें और
खुद तय करें—
कितना सच… कितना झूठ। 📚✨







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